## Almost Sky
### अधूरेपन में संपूर्णता ढूंढ़ती कविताएं
#Poetry
![[Pub-Almost-Sky.webp]]
### अधूरे के मध्य में
कुछ भी पूरा नहीं होता
हर वक़्त हम किसी अधूरे के मध्य में होते हैं
और आगे की ओर बढ़ रहे होते हैं
ये छोटे कदम जुड़कर, एक बड़ी यात्रा बन जाएँ
यही सबका क़िस्सा है
जो आगे है, उसकी बढ़त में
किसी और अधूरे का हिस्सा है
### अधूरेपन की आकाशवाणी
आसमान की ओर देख रहा था, उसकी विशालता पर लिखी हुई मनुष्य की डिब्बाबंद यात्रा ✈भी दिखाई दी, तस्वीर खींची और उसमें मन अपना आकाश ढूँढने लगा...
सब उसे छूने की यात्रा में हैं
परंतु आकाश एकदम स्थिर
हर जगह समान रूप से उपस्थित
असंख्य अधूरी कोशिशें एक बिंदु पर जा मिलीं
वहीं सिर पर छत दिखी
वहीं मिला आकाश मुझे
---
##### Context Note
Two poems written around the same moment, circling the same thought - that we are always in the middle of something unfinished. The first looks inward at the journey; the second looks up at the sky that holds all our incomplete attempts equally.
2022-12-02