## Ardhnarishwar ### 'Struggle Report' of Every Woman ### हर नारी में आधा नर, अर्धनारीश्वर #Poetry ![[Pub-Ardhanarishwar.webp]] These are some of my poems on Womanhood. They talk about Present, carry the essence of Past, and trace trajectories of Future.   ### Mother of My Child : मेरे बच्चे की मां आजकल मैं अपने बच्चे की मां के साथ रहता हूं स्त्री चाहे किसी रूप में कितने भी वर्ष सांस लेती रहे लेकिन जीती सिर्फ मां के रूप में है विवाह करके दुनिया के सभी पुरुष ये सीखते हैं कि वात्सल्य और करुणा सबसे बड़ी भावनाएं हैं   ### Blood Report : लहूलुहान इम्तिहान एक पिंड जो साकार ना हो सका गर्भ में महीने भर की कुढ़न, पीड़ा और जलन के साथ स्खलित हो गया अश्रु थे.. जो रक्त बनकर बह गये बिना कुछ कहे प्रतीक्षा करते करते ये इंतज़ार एक लहुलुहान इम्तिहान है जो दुनिया की हर स्त्री ने बार बार दिया है बार बार जिया है   ### Tears & Acid : पैरों पर तेज़ाब डालने वाली औरतें औरत के आँसू आँखो से उतरकर रुखसार पर आते हैं फिर गर्दन, छाती और पेट पर चलते हुए... कमर से उतरकर पैरों पर ठहर जाते हैं लेकिन तब तक आँसुओं की तासीर बदल चुकी होती है ये आँसू औरत के पैरों में गोंद की तरह चिपक जाते हैं वो गोंद जो उड़ने नहीं देता सोचने समझने नहीं देता हार मानकर बैठी भीड़ में मैंने कुछ औरतों को देखा है जो अपने पैरों पर तेज़ाब डालने से नहीं डरतीं   ### प्रश्नPoetry : [[Bechari ya Bitch]] बेचारी और Bitch इन दो शब्दों, दो भाषाओं, दो संस्कृतियों के बीच खड़ी औरतें, किसी तीसरे शब्द का इंतज़ार कर रही हैं। क्या ये तीसरा शब्द ही तीसरा विश्वयुद्ध है ?   ### Right to Equality स्त्री-पुरुष बराबरी की मांग में घुले कुंठा के ज़हर पर जब मैं कविता लिख रहा था तो मुझे लगा कि इस कविता को थोड़ा क्रूर होना चाहिए, थोड़ा खुरदरा होना चाहिए। ये ऐसी बात है जो सबको चुभनी चाहिए।   स्त्री और पुरुष के बीच बराबरी का एक ही रास्ता है स्त्री में मौजूद स्त्री-तत्व को मरना होगा जीवन का सारा नाज़ुक सौंदर्य खुद पर तेल छिड़ककर आग लगा लेगा और सती हो जाएगा बराबरी के सिद्धांत कुंठाओं की कलम से लिखे गये थे उस कलम में एक ही रंग था पता नहीं क्यों विजय का रंग खून जैसा लाल ही होता है इसलिए.. अब हम सब एक जैसे होंगे सबकी एक जैसी तासीर एक जैसा रंग एक जैसा स्वभाव **तुला के एक पलड़े पर स्त्री ने अपने वक्षस्थलों को काटकर रख दिया है बराबरी के अधिकार के लिए ये कुर्बानी याद रखी जाएगी** The longer prose piece behind this poem lives separately, in [[Female Minus FE]]. --- ##### Context Note Five poems examining womanhood - from the quiet divinity of motherhood to the bloodied exam of menstruation to the dangerous glue of tears. Together they circle the idea of Ardhanarishwar, asking whether the hunger for sameness has begun consuming the very qualities it claims to defend. 2018-03-11