## Broken बातें, संवाद के टूटे प्याले
#NotesOnNews
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इस कदर खौलता हुआ समाज है
कि संवाद के प्याले टूट गए हैं
हर त्योहार के बीच दरार है
हम देख रहे हैं कि
उत्सवों के देश में जीते जागते पत्थरों की भरमार है
भारत की रगों से हिंदू-मुस्लिम टकराव का मवाद पूरी तरह निकला नहीं…
टूटे हुए को जोड़ना, कितना मुश्किल है…
और जिस तरह टूटे जापानी बर्तनों को पिघले सोने से जोड़ने की विधि है, उसी तकनीक से टूटे फूटे समाज की भी सुनहरी मरम्मत हो जाती *(2023-03-31)*
इस नोट का विस्तार -
खौलते हुए समाज पर कुछ कविताएँ पहले लिखी थीं
[[Seething Society]]
नफरत के मुकाबले खड़ी करुणा को एक अधजली नोटबुक में रिकॉर्ड किया था
[[Half Burnt Notebook]]