## नारों पर जमा काला कार्बन #SansarKaCCTV उसकी आँख खुली तो वो एक ऐसे शहर में था, जहाँ साँस नहीं आती थी, जहां हवा माटी को ढोते हुए थककर हाँफने लगी थी जहां कोई गुनगुना नहीं सकता था, कोई गा नहीं सकता था, वो ऐसा शहर था जिसका अपना कोई गीत नहीं था, संगीत नहीं था, धुन नहीं थी प्रेम और क्रांति की साँस बार बार फूल रही थी वहां लग रहे नारों पर काला कार्बन जम गया था ये दुखद है कि Air Quality Index (AQI) लगातार बढ़ रहा है Political Quality Index (PQI) लगातार घट रहा है See How this observation created most melodious Cough Song