## अस्पताल की 5 खिड़कियाँ #SansarKaCCTV अस्पताल जैसे कोई सागर विशाल इंसान नाज़ुक सी नाव, डूबती जान.. पहचान.. ज़ख्म वो खिड़की जिससे रोशनी पाते हैं हम ! पैसा आया, थोड़ी देर रुका, गया… छद्म ऐसा, तो अफ़सोस कैसा ? व्यापार बंद हैं लिहाज़ के द्वार, ढूँढो शिकार, करो वार ![[Pub-Monet-Impressionism-April-1874-05x.webp|400]] *Legendary Painting of Claude Monet, April 1874*