## Comfortably Blind ### सहूलियत का अंधापन #Poetry ![[Pub-Comfortably-Blind.webp]] >*आंखों पर बंधी पट्टी व्यक्ति और समाज को असल मुद्दों से भटका देती है, व्यसन और पूर्वाग्रह सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं होता, समाज भी इसका शिकार हो सकता है।*   बाग़वानी में मशगूल... लोगों को... सूखते हुए इंसान क्यों नहीं दिखाई देते ? बस्तियाँ जलाने वालों को हँसते हुए मकान क्यों नहीं दिखाई देते ? आगे दौड़ती कामयाबी अक्सर हांफती रहती है फिर भी पैदल चलते मक़ाम क्यों नहीं दिखाई देते ?   ##### Context Note Blindness here is not the absence of sight, but the comfort of looking elsewhere. The poem asks what a society fails to notice when its eyes are busy with beauty, ambition, and habit. 2016-07-19