## अंधेरे का उत्सव मनाने वाला योद्धा : Dark Knight
#Poetry
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रोशनी के उत्सव से पहले, मेरे साथ अंधेरे के साम्राज्य में थोड़ी देर के लिए विश्राम कीजिए। हर चीज़ को एक समान कर देने वाला अंधेरा डरावना नहीं है। एक बच्चा जब मां की गोद में आराम से सो जाता है तो उसकी आंखें बंद होती हैं, और उसके चारों ओर अंधेरा ही होता है। ठीक इसी तरह अंधेरे की गोद में इंसान की थकान उतारने की शक्ति है।
अंधेरे का कैनवस नाचीज़ दीये को भी ताकतवर महसूस करवाता है और लाखों प्रकाशवर्ष की दूरी पर मौजूद तारे भी साफ दिखने लगते हैं। विज्ञान भी कहता है कि शरीर की अंदरूनी घड़ी और प्रक्रियाओं के ठीक से चलते रहने के लिए अंधेरे का एहसास ज़रूरी है। यहां तक कि ग्लोब भी रोशनी और अंधेरे की लकीर से बंटा हुआ है। लेकिन दिक्कत ये है कि अंधेरे को पिछड़ा हुआ मान लिया गया है, जबकि रोशनी विकास की परिचायक है। शहरों में इतनी रोशनी है कि अब पंछियों को पता ही नहीं चलता कि दिन है या रात? पक्षियों की कई प्रजातियां शहर से पलायन कर गई हैं, लेकिन इंसान EMI और कामयाबी की मासिक किश्त के चक्कर में टिके हुए हैं। वैसे अंधेरे में इंसान के अंदर छुपी, उसकी सर्द सच्चाइयां भी बाहर आ जाती हैं, इसलिए नाइट बल्ब जलाकर सोने का चलन है, इसका फायदा ये है कि अपनी सच्चाई से कभी भेंट नहीं होती, और नुकसान ये है कि इंसान होने की थकान कभी नहीं उतरती। ये पांच कविताएं पढ़कर आपके मन में, एक बार, हर तरह की रोशनी से मुक्त होकर घुप्प अंधेरे में थोड़ी देर पड़े रहने का ख्याल ज़रूर आएगा। एक बार Try कीजिएगा।
> "Light and Dark, Two shores of a river called Time. You are flowing, Touching the light and swimming into darkness intermittently"
### अंधेरा ज़रूरी है : Sometimes Darkness is all you need
टेबल लैंप से झांकती रोशनी
हम अपने अंधेरे में उलझे
अपनी छाया से खेलते
रोशनी से अंधेरे की तरफ फिसलते हुए
महसूस करते हैं कि अंधेरा हमेशा डरावना नहीं होता
इंसान होने की थकान कहीं गायब हो जाती है अंधेरे में
थोड़ी देर के लिए ही सही
जब स्विच अॉफ कर देता हूं
**मैं... मैं होता हूं**
### Cold Cold Sun : ठंडा सूरज
रोशनी फर्क करती है
अंधेरा फर्क नहीं करता
अंधेरा हर चीज़ को बराबर कर देता है
उसका गहरा काला रंग
हर व्यक्ति और वस्तु की
मौजूदगी को मिटा देता है
सब कुछ समतल हो जाता है
अंधेरे का हर हिस्सा एक जैसा होता
दूरियां अपने मायने खो देती हैं
अंधेरे के साम्राज्य में इतनी समानता है
फिर भी
कैनवास अंधेरे का
ज़िंदगी की दीयासलाई
हम सबने मिलकर रोज़ आग लगाई
बार बार लगाई
क्योंकि
सूरज को स्याह और ठंडा होते हुए
**हम नहीं देख सकते**
### War with Darkness : थोड़ा सा अंधेरा भी मांग लिया
रोशनी के घूंट पीते पीते
थोड़ा सा अंधेरा भी मांग लिया
क्योंकि रोशनी संपूर्ण नहीं है
उसे भी अंधेरा चाहिए
**युद्ध करके जीतने के लिए**
### Fist of Darkness : मुठ्ठी में अंधेरा
एक हाथ ऊपर उठता है
सूरज की तरफ बढ़ता है
उस तक पहुंच जाता है
उसे मुट्ठी में बंद कर लेता है
**लेकिन मुठ्ठी बंद होते ही... अंधेरा हो जाता है**
### Globe : आधी रोशनी और आधा अंधेरा
ये आधी रोशनी और आधा अंधेरा
गोल घूमती दुनिया का सच है,
हर सुख-दुख,
मौका-कामयाबी,
हार-जीत,
**जाती है और वापस आती है,**
इस यात्रा में
##### Context Note
Five poems step away from light to ask what lives on the other side. A child asleep in a mother's arms, a fist closing around the sun, a globe split down the middle - each piece finds darkness not as absence but as the canvas that makes even a small diya feel powerful.
2018-11-04