## ड्रैगनफ़्लाई ने दिखाई… जीवन की एक सुंदर सचाई !
#Doorbeen
उड़ने का हौसला हो, तो पंख अपने आप खुल जाते हैं।
ड्रैगनफ़्लाई का शुरुआती जीवन पानी के भीतर बीतता है
तली के कीचड़, पौधों और पत्तों के बीच छिपे हुए… कई महीने, और कभी-कभी वर्षों बीत जाते हैं
फिर एक दिन वो पानी से बाहर आती है। आख़िरी बार अपना खोल उतारती है।
जो पंख अब तक भीतर मुड़े पड़े थे… वे खुलते हैं, फैलते हैं, सख़्त होते हैं।
और आकाश उसका हो जाता है।
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पर यहीं इस जीवन यात्रा की सबसे मार्मिक बात है। इंतज़ार महीनों-वर्षों का… उड़ान अक्सर कुछ हफ़्तों की।
और फिर भी वो उड़ती है… पूरे हक़ से।
उड़ती भी कमाल की है। चारों पंख अलग-अलग काम कर सकते हैं, इसलिए हवा में ठहर सकती है, अचानक दिशा बदल सकती है… पीछे की ओर भी उड़ सकती है।
और Globe Skimmer Dragon Fly तो भारत से अफ़्रीका की तरफ़ हिंद महासागर के आर-पार लंबी यात्राएं करती है। एक नन्हा-सा जीव… और सामने समंदर।
Dragonflies की कहानी हमसे बहुत पुरानी है। उनके प्राचीन रिश्तेदार डायनासोर से भी करोड़ों साल पहले आसमान में उड़ रहे थे।
केरल में Dragonfly को Thumbi कहते हैं। वहां की लोक-स्मृति में भी इसकी अपनी जगह है। Onam से जुड़ी पुरानी लोक-परंपरा Thumbi Thullal इसका एक उदाहरण है।
इन्हीं वजहों से पीछे लगी इन paintings की प्रेरणा है Dragonfly।
ये प्रदर्शनी देखना एक नया अनुभव रहा।
Painter Sandeep Das से लंबी बातचीत भी हुई। अच्छा लगा।
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2026-08-01