## Effort : प्रयास
#Poetry
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> हर प्रयास की एक उम्र होती है.. फिर उसकी प्रासंगिकता खोई हुई सी लगती है..
> सच ये है कि सारे प्रयास हमेशा जीवित नहीं रह सकते..
> उन्हें काल खंड की कँटीली तारों को पार करने की इजाज़त नहीं होती..
> प्रयासों को अमरत्व का वरदान नहीं होता…
> अगर सारे प्रयास.. सदा के लिए जीवित रहने लगें..
> तो शायद उनकी हैसियत खत्म हो जाएगी..
> हालाँकि हमारे यहां कहते हैं कि कोई प्रयास बेकार नहीं जाता…
> इसलिए आपकी हर कोशिश की ख़ुशबू आ जाती है
> और दूर खड़ा कोई अनजान व्यक्ति भी आपको पहचान लेता है…
> प्रयास की नदी.. पहचान वाले समुद्र में ही मिलती है
> आगे प्रयास नामक कविता है, जो अमर होने की लिप्सा से मुक्त है..
केवल प्रयास काफी नहीं है
प्रयास की रिकॉर्डिंग ज़रूरी है
रिकॉर्डिंग की मार्केटिंग ज़रूरी है
जन जन के दिमाग में
गर्म लोहे से
उस प्रयास को अंकित कर देना ज़रूरी है
ताकि हर प्रयास अमर हो जाए
इस तरह सारे प्रयास सदा के लिए जीवित रहने लगे
और प्रयासों की भीड़ में
सबको अलग अलग याद रखना असंभव हो गया
##### Context Note
Every effort has an expiry date - that is the opening premise, and also its quiet cruelty. The poem walks through this paradox with the patience of someone who has watched ambitions age. Then it flips: in a world that demands recording, marketing, branding every attempt into permanence, immortality itself becomes the problem. Too many undying efforts, and none remembered.
2020-07-05