## जीवन की ज्यामिति
#Poetry
खुद को ध्यान से देखिए, आपको पता चलेगा कि आड़ी तिरछी घुमावदार लकीरें, मिल-जुलकर आपमें रहती हैं, आपको बनाती हैं, यही इस कविता का मूल विचार है।
>घूमती.. लचीली.. अधूरी लकीरों में सधा है
…अस्तित्व मेरा.. और तुम्हारा भी
प्राणवायु भी एक लकीर है
जिसे पकड़कर सब झूल रहे हैं.. इस संसार में
और उसे साधना, कोण देना..
जीवन की ज्यामिति *(geometry)*
![[Pub-geometry-of-life.webp|400]]
##### Context Note
Existence is drawn in lines.
Some bend,
some remain incomplete,
yet together they define a form.
Breath itself is a line,
holding us in suspension.
The geometry lies
in how we give it angle.
2022