## प्राइवेसी अब एक छोटी बत्ती के भरोसे? #Tech `जड़ तक · एक नज़र में` ![[Pub-Glass-Witness.webp|400]] **एक लाइन में:** कैमरे वाले चश्मों ने रिकॉर्डिंग को इतना आसान बना दिया है कि अब सरकारें और दुकानदार तय करने लगे हैं कि इन्हें कहाँ पहना जाए। ### 🌱 बीज नॉर्वे सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि वह स्कूल, अस्पताल, खेल के मैदान और चेंजिंग रूम वाले जिम जैसी जगहों पर AI चश्मों पर अस्थायी रोक का प्रस्ताव संसद में रखेगी। यह अभी प्रस्ताव है, क़ानून नहीं, और पूरी पाबंदी की बात भी नहीं है। ### 🌿 जड़ फ़ोन से रिकॉर्डिंग दिखती है: हाथ उठता है, स्क्रीन चमकती है। चश्मे में कैमरा आँख की सीध में होता है और हाथ ख़ाली रहते हैं। सामने वाले के लिए इकलौता इशारा है एक छोटी सफ़ेद बत्ती। Meta का कहना है कि यह बत्ती ढकी जाए, तो कैमरा अपने आप बंद हो जाता है। ### 🌳 तना - बत्ती बताती है कि कैमरा चालू है। यह नहीं पूछती कि आप रिकॉर्ड होना चाहते हैं या नहीं। - क़ानून से पहले बाज़ार जाग रहा है: नीदरलैंड्स की चश्मा कंपनी Hans Anders ने Meta चश्मों की बिक्री रोक दी है। - अस्पताल, बच्चों की पार्टी, दफ़्तर की निजी मीटिंग: हमारे यहाँ भी यही सवाल उठेंगे। ### 🍎 फल किसी के चश्मे पर छोटी सफ़ेद बत्ती जलती दिखे, तो बेझिझक पूछिए कि रिकॉर्डिंग चल रही है क्या। और अगर आप ऐसा चश्मा पहनते हैं, तो पहले बता दीजिए कि इसमें कैमरा है। > **मेरी बात:** चश्मा आपका है, पर सामने बैठे लोगों की प्राइवेसी आपकी नहीं है। --- **स्रोत:** [AP: Privacy concerns put smart glasses under scrutiny as Norway seeks temporary ban](https://abcnews.com/International/wireStory/privacy-concerns-put-smart-glasses-scrutiny-norway-seeks-136997617) (5 अक्टूबर 2026) · नॉर्वे का डिजिटलीकरण और लोक प्रशासन मंत्रालय, प्रेस विज्ञप्ति 2026-10-06