## Last Rites : अंतिम संस्कार #Poetry >क्या हमने रिश्ते कमाए हैं ? ये सवाल ही इस रचना का मूल तत्व है, हम सब जिस तरह चालाकी से, रिश्तों को भौतिक वस्तुओं में या सिक्कों में तब्दील करते हैं, वो अपने आप में एक अदभुत रासायनिक प्रक्रिया है। Chemistry की भाषा में कहूं तो ये एक तरह का Nuclear transmutation है, जिसमें एक तत्व.. कुछ समय और स्थितियों का सामना करते करते, दूसरे तत्व में बदल जाता है। लोग अपने मन में रिश्तों की लाशें लेकर घूमते हैं बस अंतिम संस्कार के लिए इच्छाशक्ति नहीं बचती ऐसे रिश्ते जेब में पड़े रहते हैं वर्षों तक और थोड़ा वक़्त गुज़र जाने के बाद एक दिन यही रिश्ते जेब में सिक्कों की तरह खनकने लगते हैं और किसी लेन देन में काम आ जाते हैं जीवन भर यही व्यापार चलता रहता है और हम समझते हैं कि हमने रिश्ते कमाए हैं   ##### Context Note Relationships do not really end. They change form, the way one thing slowly turns into another. A bond can break in a single day, but its smell stays in us for a long time, like a closed account that still shows on the books. 2016-10-22