## Photo Fossils in Cloud : बादलों में तस्वीरों के जीवाश्म
#Poetry
क्या ज़िंदा लोगों के भी जीवाश्म होते हैं ?
हाँ होते हैं..
वे तस्वीरों में रहते हैं
कोई पल.. किसी कीड़े, पतंगे की तरह..
जम जाता है.. तस्वीर के गोंद में
और वर्षों बाद मिलते हैं अवशेष..
अनुसंधान के लिए.. जमे हुए पल..
हर कोई..
बस एक तस्वीर खींच कर रख लेना चाहता है…
हर पल की…
हम अपने कैमरा फोन से
यूँ अपने ही जीवाश्म बनाते हुए
चेतना के अनदेखे बादलों को भर रहे हैं
अब अवशेष ही हमारी भाषा के अक्षर हैं
बादलों में नई वर्णमाला ने जन्म लिया है
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##### Context Note
In this poem, photographs become fossils,
and the cloud becomes a field of deposits.
Passing instants gather,
layer upon layer,
until memory turns archival.
What remains is not life,
but its imprint,
forming a new language in the air.
2022