## Restart.. 'Rest' is 'Art'
### विध्वंस होते रहने चाहिएँ
#Poetry
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आपके जीवन में हर रोज़ कुछ न कुछ टूटता और छूटता होगा... ये अतिसूक्ष्म विध्वंस हैं, जिनकी हम सबको आवश्यकता होती है। मानव सभ्यता को बार बार नया और पुनर्जीवित करने के लिए ये विध्वंस एक उत्प्रेरक यानी Catalyst का काम करते हैं।
मूल विचार ये है कि विध्वंसों की ज़रूरत क्या है? और इस विध्वंस से कलाकृतियां कैसे जन्म लेती हैं? इस कविता की दो टहनियां हैं - ठीक वैसे ही जैसे एक कमरे की दो अलग अलग बालकनियां होती हैं और दोनों से दिखने वाला दृश्य किसी एक सिरे पर मिल रहा होता है।
### Restart
कभी कभी
कोई अदृश्य विस्फोट
सब समतल कर जाता है
हमें साथ ले आता है
छोटे-छोटे विध्वंस होते रहने चाहिएँ
ताकि व्यक्तित्वों के अचल पहाड़ न बन सकें
### 'Rest' is 'Art'
किसी अकड़े हुए पुराने मकान को गिराने के बाद,
अवशेषों की एक तस्वीर बनती है,
जिसमें ख़ून का लाल रंग होता है और पसीने का नमक भी
विध्वंस को लाखों पिक्सेल्स (Pixels) में जमाकर
एक विशाल आर्ट गैलरी में टाँग दिया गया है
ये 'मॉर्डन आर्ट' है...
विनाश अगर ठहर जाए तो कलाकृति बन जाता है
##### Context Note
Two balconies of one room, looking at the same horizon from different angles. Restart the verb, 'Rest' is 'Art' the revelation... what breaks is not lost, only paused into image.
2017-09-10