## Experience of a Sample Human ### सैंपल मनुष्य का अनुभव #Poetry ![[Pub-Sample-Human.webp]] कई बार लगता है कि अनुभव एक व्यक्ति से दूसरे में किसी जीवाणु की तरह यात्रा करता है.. और इस क्रम में कुछ इंसान.. दूसरे इंसानों के लिए एक सैंपल का काम करते हैं.. सैंपल मनुष्य वो है.. जिस पर सारे प्रयोग होते हैं… और जिसका जीवन और मृत्यु दूसरे को बचाने के काम आते हैं.. एक अनुभव बनकर। सैंपल मनुष्य के जोखिम भरे जीवन से जो सूत्र निकलते हैं उन्हें शासक और राजकाज में जुटे शक्तिशाली मनुष्य अपनी अलमारी में रख लेते हैं। अक्सर सिंहासन पर बैठने वालों को अपनी तरफ़ आती हुई किसी भी चुनौती को सीधे आँख मिलाकर देख पाना नसीब नहीं होता। ये संसार सैंपल मनुष्यों से भरा पड़ा है.. हो सकता है आप भी एक सैंपल मनुष्य हों… इससे दुखी या विचलित होने की ज़रूरत नहीं है.. संसार के लिए एकदम नये अनुभवों के बीज बोना.. आविष्कारों की फसल तैयार करना.. छोटा काम नहीं है। ---   सैनिक सबसे आगे खड़ा होता है पहली ललकार सामने से आती है सबसे पहले उसे छूती है तीर उसे भेदता है पहले भाले उसके सीने में सुराख़ करते हैं सर्वप्रथम बंदूक से निकली गोली भी प्रवेश करती है पहले उसी सैनिक के जिस्म में और वहीं अपना घर ढूँढती है रक्त को धक्के मारकर बाहर निकालते हुए वायरस भी पहले किसी निर्धन या कर्मवीर को ही ज़िंदा लाश बनाकर दफ़्न करता है इसके बाद बन जाते हैं टीके… माताएँ डिस्पेंसरी में बच्चे को पुचकारते हुए सुई लगवा आती हैं बड़े बड़े लोगों तक नहीं पहुँच पाता अनुभव उस प्रथम सेनानी का सिंहासन पर बैठे आदमी की ग़रीबी ऐसी होती है हर महासमर में अनुभव बहता है नीचे से ऊपर की ओर ##### Context Note Some humans exist as specimens - their wounds becoming data, their survival becoming formula. Written during the first wave, when the distance between a soldier's chest and a minister's desk had never felt more measurable. 2020-05-03