## Souls on a Walk ### पैदल पैदल एक रिश्ता सा चलता है #Poetry ![[Pub-Souls-on-Walk.webp]] दौड़ के महक छपाक से रूह में कूदती है फिर घुलती है मिलती है यूं तेरे मेरे अंदर पैदल-पैदल एक रिश्ता सा चलता है ठंडी हवा जगमगाता गुज़रा कल फ़लक[^1] के फ़र्श पर बिखरे ये पल समेटकर सबा[^2] पर मलता है यूं तेरे मेरे अंदर पैदल पैदल एक रिश्ता सा चलता है   ##### Context Note Most love poems rush. This one was written at walking speed in 2007 and still hasn't reached anywhere. That's the point. 2007-01-01 [^1]: फ़लक = आसमान [^2]: सबा = सुबह की हवा