## Sunflowers : सौर किरणों के शक्ति पुष्प #Poetry सूर्य की किरणों की शक्ति बढ़ गई है.. सूर्य उत्तरायण हुए हैं… और असर ऐसा है कि इन शब्दों के पीछे भी देखिए धूप निकल आई है.. धुँध से छनकर आती हो तो भी.. धूप गुनगुना कर देती है.. बहुत कुछ ! सुख तेज़ी से डाउनलोड होने लगते हैं किरणों के साथ ! रविवार को सूर्य से ऐसी किरणें निकलती हैं जो आपको आलसी…बहुत आलसी बना देती हैं। ये वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, ये [[Sunday Pause|रविवार]] को सूर्य और छुट्टी का दिन मानने के फलस्वरूप उपजा अनुभव है। सूर्य और धूप ने काव्य/शायरी में अपना सम्मानजनक स्थान बनाया है। तमाम कवियों और शायरों ने तरह तरह से इसे लिखा है। मैंने पारंपरिक प्रतीकों से थोड़ा हटकर.. नयी परिस्थितियों में सूर्य की रोशनी/लालिमा, धूप और प्रेम भावनाओं को प्रक्षेपित किया है ### Public Display of Affection : बादल-धूप का प्रेम प्रसंग बादल की बांहों में धूप पिघलती रही शहर ने आज देखा एक प्रेम प्रसंग ### Back Benches : पंक्ति के अंत में सूर्य बैक बेंच अकसर दूर होते हैं सूरज की नज़र से दूर धरती और गुरुत्व के आकर्षण से दूर पंक्ति में सबसे पीछे.. वहाँ विराजते हैं नये विचार.. और बीच बीच में उठकर धूप में पकड़म-पकड़ाई खेलते हैं फिर जब अंधेरा बढ़ता है तो उसी रोशनी से चाँद बनकर दमकते हैं बैक बेंच पर बैठने वाले ### Planet of Three Suns : तीन सूरज वाला ग्रह तीन सूरज वाला ग्रह दिखा है सोच रहा हूँ जहां इतने सूरज हों वहां रात होती होगी क्या ? कितने चांद छिप गये होंगे वहां ! \(ये कविता पृथ्वी से 340 प्रकाश वर्ष दूर एक ग्रह की स्थितियों पर आधारित है.. इस ग्रह का नाम है HD 131399Ab.. और वहां एक नहीं तीन सूरज दिखते हैं। इस ग्रह की खोज 2016 में हुई थी, तभी ये विचार भी आया था\) ### सुनहरी लकीरों का गणित | Mathematics of Light पहाड़ों को जब सूरज सहलाता है धूप फिसल पड़ती है और बनने लगती हैं सुनहरी लकीरें हम तुम धूप के गोल सिक्के लम्हों से उठाते हैं, रोशनी के इन टुकड़ों को चलते फिरते सोखते हैं तुम्हारी सुबह की तिकोनी धूप मेरी दोपहर में रोशनी के चतुर्भुज आपस में मिलकर चमकने लगते हैं नये नये आकार बनने लगते हैं हमारे साझे शरीर की परिधि को पार करती इन लकीरों का विस्तार ही हम दोनों की दुनिया है ये सूर्य की सुनहरी लकीरों का गणित है जिसे सिर्फ मैं और तुम समझते हैं %% This poem is based on unseen mathematics of love. It focuses on glow of lovers. It’s like phosphorescence of love ! By the way in science phosphorescence means light emitted by a substance without being burnt. What a coincidence that Love is also like that. %%   ##### Context Note The sun's rays have grown stronger, and even behind these words the sunlight breaks through. This is a suite of poems built around the sun: clouds melting sunlight in their arms, back benchers who shine like the moon after dark, a planet with three suns, and the secret geometry of light shared by two lovers. It treats sunlight, warmth and love a little apart from the usual symbols. 2020-01-19