## समय का वाष्पीकरण #Doorbeen ![[Pub-vapours-of-time.webp|400]] धूप को धीमे धीमे सोखना..  प्रेम में गुनगुना होना..  और मुस्कुराते हुए सोचना कि घड़ी पहनने की ज़रूरत क्या है… ! अति महत्वपूर्ण कामों की आंच कम क्यों नहीं होती ? जगह जगह अधूरा होकर क्यों पहुंचना है.. ? समय का वाष्पीकरण होने के बाद क्या कुछ बचता है ? शायद धूप ही बचती है भीतर की और समय की भाप घड़ी के कांच पर जम जाती है आपने आखिरी बार.. बिना किसी चिंता के… मुस्कुराते हुए घड़ी कब देखी थी ? 2025-11-09