## Villain : खलनायक #Poetry ![[Pub-poetry-villain.webp]]   > दुनिया गोल है > और गोल दुनिया की परिधि पर घूमती हुई भीड़ को > नायक नहीं खलनायक चाहिए > तीर या गोली मारने के लिए, > खाल को चीरकर उसमें भूसा भरने के लिए, > और फिर दीवार पर पुरस्कारों के बीच > स्मृति चिन्ह बनाकर टांगने के लिए > > खलनायक को विचारों की मदिरा में नहलाकर > उसे ज़िंदा जलाना नायकों का काम है.. > इसमें गज़ब का नशा है.. > और इस नशे में माचिस की जलती हुई तीली भी > मशाल जैसी लगती है > > हालांकि थोड़ी ही देर में > तीली राख हो जाती है > आग उंगली तक पहुंच जाती है > और बड़े-बड़े नायकों के हाथ जल जाते हैं   ##### Context Note Written in 2017. We are often so busy crushing the villain that we fail to see our own true reflection. %% Experience the World of SidTree नीचे देखिए.. पहले से ही लिखकर रखा है ये Tweet, आप शेयर करेंगे.. तो बात दूर तक पहुँचेगी खलनायकों को ज़िंदा जलाने वाले नायकों को .. नशे में माचिस की तीली भी.. मशाल जैसी दिखती है .. उन्हें पता नहीं चलता कि आग कब उंगली तक पहुँच गई .. इस क्रम में बड़े बड़े नायकों के हाथ जल जाते हैं \#kavivaar Tweet %%