## Womb : वापस जा रहा हूँ माँ की कोख में #Poetry ![[Pub-Womb.webp]] जननी ने बच्चे को दुनिया में छोड़ा था... ममता के कवच के साथ... पूरी रफ़्तार से... अब दुनिया में ताला लग गया है... तो बच्चा कह रहा है... मैं वापस चला माँ की कोख में... सुकून... सुरक्षा और विश्वास... एक साथ एक ही शब्द में सध गये हैं... भयग्रस्त दुनिया को माँ की सृजनशक्ति और सहनशक्ति की ज़रूरत है।   घर में रहने को कहते हैं सब दुनिया अब सुरक्षित नहीं रही मैं वापस कोख में आना चाहता हूँ माँ मुझे पता है तुम्हारे अंदर मेरा रजवाड़ा है मेरा सिंहासन मेरी दुनिया मुझे पता है वहाँ जीवाणुओं की सल्तनत नहीं चलती   ##### Context Note The world shut its doors and the child began asking for the only place that had ever felt safe. The poem makes the womb sovereign again, a small kingdom where viruses are not in charge. 2020-04-12